लक्ष्मी नारायण शर्मा, झांसी: शहर के बड़ागांव बाहर स्थित मुक्तिधाम का वायरल हो रहा वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। लावारिस शव का अंतिम संस्कार कराना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी होती है लेकिन किसी प्राइवेट एंबुलेंस चालक को यह जिम्मेदारी दे दी गई, जिसके पास शव को कंधा देने के लिए चार आदमी भी नहीं थे और वह अकेले कंधे और पीठ पर शव को टांग कर जाता दिखाई दिया।
वायरल वीडियो झांसी के बड़ागांव बाहर मुक्तिधाम का है, जहां एंबुलेंस से अज्ञात शव उतारकर वाहन चालक अकेले अपने कंधे और पीठ पर उसे लेकर चिता तक ले जाता है। वायरल हो रहे वीडियो ने एक ओर जहां मानवता को शर्मशार किया है तो वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
प्राइवेट एंबुलेंस चालक मुकेश ने बताया कि शव को उठाने के लिए चार लोग नहीं मिल पाएंगे तो भी क्रियाकर्म तो करना ही पड़ेगा। कई बार लोग खर्चा वहन नहीं कर पाते हैं तो हमें शव को अकेले ही लेकर निकलना पड़ता है। लावारिस शव का अंतिम संस्कार समय पर नहीं होगा तो उसमें कीड़े पड़ जाएंगे। जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें हम शव को अपने कंधे पर टांगकर ले गए थे। यह बड़ागांव गेट बाहर स्थित मुक्तिधाम का है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ सचिन माहुर ने इस बारे में बताया कि एक अज्ञात मरीज 11 मई को भर्ती हुआ था। वह चिरगांव से आया था। सीरियस होने की वजह से इसे आईसीयू में भर्ती किया गया था। उसकी मृत्यु 13 मई को हुई। उसके घर से दो-तीन लोग आए और बोले कि शव को सुबह ले जाएंगे। हमने शव को मॉर्चुरी में भिजवा दिया लेकिन घर वाले दो-तीन दिन नहीं आए। तीसरे-चौथे दिन आए और बॉडी क्लेम की लेकिन ये लोग मरीज से अपना कोई संबंध नहीं बता पाए। इन लोगों ने मृतक के भाई को लेकर आने की बात कही। इसके बाद भी ये लोग नहीं आए तो आखिर में हमने उसका पोस्टमॉर्टम कराया और बॉडी डिस्पोज करा दी गई।
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